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-: पत्नी बीसा :-

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                        !! श्रीमती वामाङ्ग्यै नम: !!               !! श्रीमती शङ्कारुप्यै नमः !!                                    -: अथ पत्नी बीसा :-                            || दोहा ||                                                परम प्रिया मेरी पावनी ,भले रहे बेवकूफ ।    पर अच्छा सलाहकार है,इसमें तनिक न दुख ।।    नहीं पिता नहीं माता , नहीं बहन मेरा भाई ।    सही सीख नहीं कोई ,कितनो पढ़ा पढ़ाई ।।                        -: चौपाई :-                     ...

दिल हो दिवाना

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सावन मास है सुहाना मन गावे खूबे गाना रिमझिम वर्षा को आना माना दिल हो दिवाना ।।१।। टर टर मेंढक के वाणी झन झन झींगुर के तानी झर झर वर्षा के पानी रानी दिल हो दिवाना ।।२।। चारो दिशी हरियाली सादों का बिछा जाली झूमें पेड़ की डाली माली दिल हो दिवाना ।।३।। परे कीचड़ में पैर जब करे जाऊँ सैर भले कपड़ा हो मैल खैर दिल हो दिवाना ।।४।। लागो बगिया में झूला जाओ दिन दुनिया भूला प्रिया प्रियतम ढूला खुला दिल हो दिवाना ।।५।। लाली मेंहदी के रंग दे हिय में तरंग नव युवती उमंग संग दिल हो दिवाना ।।६।। हरा हरा परिधान गेरूआ भी प्रधान सजा चूड़ी से दुकान पान दिल हो दिवाना ।।७।। काली बदरा के शोर नाच मन मयूर घोर देखी शाम चाहे भोर मोर दिल हो दिवाना ।।८।।                                © गोपाल पाठक                                        भदसेरी              

उठो आज दिन तुम्हारा है

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उठो आज दिन तुम्हारा है , जीवन से क्यूँ तू हरा है ? अभी नहीं किनारा है , उठ लाडले माँ के प्यारे ये देश बहुत ही प्यारा  है | युवा तुम्हारे ज्वाला अंदर , दे चिनगारी जला समंदर , शांत नहीं रह गूँजो अंबर , शत्रु तेरे वार करे तो , दे सीने में उसको खंजर | रग रक्त रख तू सो नहीं , बन शेर तू गिदड़ नहीं , हो वीर तू निर्बल नहीं , कुछ काम कर ऐसा दिखा दुनिया में तेरे जोड़ नहीं | भुज दंड बाहु बल तेरे , दहाड़ कर दुश्मन डरे , भयभीत होकर खुद मरे , बैठो नहीं अब वीर तू इस देश में जब तू रहे | **********************"""""******                        - गोपाल पाठक                               भदसेरी

-: आज शुभ सोमवार :-

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आज शुभ सोमवार नागपंचमी त्योहार हरियाली अपार श्रावण का श्रृंगार ये चार संयोग एकादबार । तो दिल से लें बाबा के नाम दो-चार बार मिलेगी शांति सुकून जोश हर बार और मौका मिले तो लें आठ-दश बार फिर देखना चमत्कार इसके बाद और है समय तो लें नाम एक सौ आठ बार लगेगा शिव जी आ गये द्वार घर बैठे ही मिलेगा हरिद्वार माया मोह लोभ पाप से होगा दरार दुःख दरिद्र  से होंगे कई योजन पार सुख समृद्धि वैभव का रहेगा भरमार आज शुभ सोमवार नागपंचमी त्योहार हरियाली अपार श्रावण का श्रृंगार ये चार संयोग एकादबार । भागम भाग की इस दुनिया में थोड़ा समय निकाल मिलता नहीं ऐसा मौका हर साल नाम बोलने से क्यों रहते हो कंगाल भगवान यह नहीं कहते कि आओ लेकर पूजा के थाल जिसमे सजा रहे दीप चंदन पान फूल माल ईश्वर तो भाव के भूखे हैं बस! यदि अनुराग जगे तो बजाओ दो कर से दो-चार-दश ताल और मुख से जय महाकाल ! जय महाकाल! आडंबर नहीं और नहीं किसी लाभ का फैला रहा हूँ जाल सनमार्ग भक्ति के लिए समझो बना हूँ दलाल कहे शिव दास " गोपाल " आज शुभ सोमवार नागपंचमी त्योहार हरियाली अपार श्रावण का श्रृंगार ये चार संयोग ए...

-: शिवनमस्कारस्तोत्र :-

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जय जयति शंभु शिव महादेव , शुलपाणये नमो नम: । ऊँ शङ्कराय जटाधराय, गिरिप्रियाय नमो नमः ।।१।। ऊँ गङ्गाधारी त्रिशूलधारी , भुजंगधारी नमो नमः। जय पापविनाशी, सर्ववाशी काशीवाशी नमो नमः ।।२।। जय परमेश्वरं जय महेश्वरं, जय सुरेश्वरं नमो नमः । जय पार्वतीपतिं विभूतिभूषणं, वृषभारूढ़ं नमो नमः ।।३।। जय शान्ताकारं शिखरिशयनं , दुःखदारिद्रहरणं नमो नमः। गौरीकान्तं नीलकण्ठं, भवभयहरणं नमो नमः।।४।। जय ललाटाक्षाय कालकालाय, विरुपाक्षाय नमो नमः । शिपिविष्टाय शितिकण्ठाय, रूपरूद्राये नमो नमः ।।५।। जय वेदकराय मण्त्रकराय, उपकराये नमो नमः। जय वामदेवाय वामनाय, उग्रतेजाय नमो नमः।।६।। जय नृत्यप्रियाय नित्यनर्ताय महानृताय नमो नमः। जय दिगंम्बराय न काराय, ऊँ शिवाय नमो नमः।।७।। ऊँ महारूपाय युगरूपाय, अनंतरूपाय नमो नमः । ऊँ महाहर्षाय जितकामाय , जितेन्द्रियाय नमो नमः ।।८।। ऊँ नमः शिवाय नमःशिवाय नमः शिवाय नमो नमः           । इति शिवनमस्कारस्तोत्रं सम्पूर्णं ।                             ...

वही जहानाबाद है......

अब नहीं छौ ईंच छोटा करे , जिला जहानाबाद में | हुआ निर्मल ये जिला हमारा , अब नहीं है बदनाम में | यही  जिला  में  बाबा सिद्धेश्वर  काका बीबी कमाल है |  सतघरवा निर्मित वाणावर ,  इतिहासों में नाम है ।          लोग यहाँ शिक्षित कर्मठ सब हैं, निज कर्मों पर ध्यान है । नहीं ओछ अब  नजर किसी का  जन सेवा में नाम है । पुलिस प्रशासन तत्पर रहता , पहले बाली न बात है | जनता निडर बेखौफ यहाँ घूमता , वही जहानाबाद है |            जय जहानाबाद  !                 जय जनता   ! ****************************                        © गोपाल पाठक                                भदसेरी

जिला जहानाबाद

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पावन पवित्र ये जिला हमारा , मगध धरा पर स्थित है | यहाँ लोग हैं निर्मल,कर्मठ सब जन , जन्म लिए गौरवानवित है | जमुना दरधा के संगम तट पर  , ये नगर जहानाबाद अवस्थित  है | आइने- अकबरी पुस्तक में , ये स्वर्ण अक्षरों में अंकित है | बसा सिद्धेश्वर नाथ धाम यहाँ , वाणावर में स्थित है | धरा धरोहर अशोक महान का , हस्त लेख सुरक्षित है | सोन, पुनपुन,फल्गु,दरधा, जमुना यहाँ गुजरती है | इसके द्वारा नहर निकल , पटवन खेतों को करती है | सजग प्रशासन डीएम एसपी  , जनता यहाँ पर निर्भीक है | खुशहाल है जीवन ,आनंदित सब जन , जन-जीवन यहाँ हर्षित है |             जय जहानाबाद !                   जय जनता !                                      © गोपाल पाठक                                             ...