लाना है मुझे बवली
छप्पन ईंची सीने था , अब ढाई किलो का हाथ । सही रहा था मेरा फैसला, चला गया वायनाड । नहीं मेरी हाल क्या होती , सुनो मेरी जुबान । चोर चोर कह शोर मचाया, वह लेता संज्ञान । यह बात भी सही है भैया, चोरी जो न करे । उसे चोर बनाकर के तो मन ही मन अब डरें । चलो खेल खेल में हुआ, राजनीति की डफली । ...