भजन
मैया सुन ले पुकार , करलो तू पूजा स्वीकार !! चुनी चुनी कली कुसुम बगिया से लाया , सुन्दर मंडप द्वार सजाया , गंगा जल हरिद्वार । करलो तू पूजा स्वीकार !! चंदन पान सुपारी नारियल , गंध धूप नैवेद्य चढ़ायिल, ऊड़हुल फूलवा के हार । करलो तू पूजा स्वीकार !! लड्डू पेड़ा बरफी मिठाई , षटरस व्यंजन भोग लगाई , फलवा लगईली भरी थार । करलो तू पूजा स्वीकार !! जो हमें ज्ञान माता वही कुछ करली , पूजा में न रूचि रहे फर्ज निभईली , सर झुक क्षमा बारंबार । करलो तू पूजा स्वीकार !! वर एक मांगू मैया करो कल्याण , कृपा की खजान मैया देदो अभय दान , बनूँ सदा दास तुम्हार । करलो तू पूजा स्वीकार !! © गोपाल पाठक भदसेरी