मगही हमर मातृभाषा.....
मगही हमर मातृभाषा एकरे से हम सिखली । लईका से अब बड़ा होके असल जवानी पईली।। मईया बाबुजी सबसे पहिले मगही भाषा बोलयलन । हिन्दी अउ अँगरेजी बोलिया सब मगहीये में सुनयलन ।। स्कूलवा में भी मास्टर साहेब मगहीया में पढ़यलन । भले हिन्दी कितबबा में पढ़ मगही में समझयलन ।। चॉक हई अँगरेजी लेकिन चॉकबा लाओ रे लईकन । डस्टर के डस्टरवा कहके अनुवाद असानी कयलन ।। लोग सब पहिले मगही के गाँव गंवार बतयलन । एही से अभी भी कुछ अइसन हथ बोले में सरमयलन ।। तनि जानल बड़कन भईया दीदी मगही भाषा । छोटकन के तू मत भड़काब पुरखन धरले आशा ।। मगध क्षेत्र के मगही संस्कृति सब मिलकर बढ़ाब । देश विदेश में ई भाषा के नया रूप देखाब ।। ***** © गोपाल पाठक #मातृभाषा_दिवस