युवा तुम हो किधर.....
युवा तुम हो किधर ? कहाँ है शोर ? रंग चड़ा है ; चुनाव है ; कहीं अपने कामों से तो नहीं भटकाव है ? नहीं ! रैलियाँ है जाना है दम खम दिखाना है और नेता जी संग थोड़ी तस्वीर खिंचवाना है । अच्छा ! तब तो आप बहुत व्यस्त हो हाँ ! नेता जी को जिताना है क्या कुछ लूट खजाना है ? क्या क्या ? भाई इमानदार है समझदार हैं हमें भी लगा कुछ मजेदार है । मतलब ? मतलब नहीं मालूम ठीक है चलता हूँ ? गाड़ी आ रही है खाश आप के लिए ? हाँ हाँ...... तब तो आपकी बहुत पूछ है.. बड़े नेताओं तक पहुँच है... जी ! आप जनता हैं या नेता हैं ? मैं ! मैं जनता जनार्दन का नेता हूँ । पढ़ाई लिखाई काम धंधा खतम हाँ हाँ ये सब में नहीं है दम वाह भाई ! पहले करते थे वैकेन्सी की इंतजार सरकारी रिज़ल्ट में देखते रहते मेरे यार हुआ कैसे तुम्हें राजनीति से प्यार ? ऊब गया था .. परीक्षा देते देते थक गया था... फिर मन में सोंच इसमें जोर जमाया उसके बाद उसके बाद क्या ? देख रहे हो नेताओं से हुआ परिचय शान शोहरत का हुआ संचय फेसबुक में लाईक्स बड़ा वाट्स अप के स्टेटस में व्यूज बड़ा बस ! इतने के लिए तू हुआ फीदा पड़ाई लिख...