नेता के वश में है जनता....
[ तर्ज -: भगत के बस में हैं भगवान ] नेता के वश में है जनता गरीब दुखी बेरोजगार शोषित रहे यही शोभित सुन्दरता ! नेता के वश में है जनता !! नेता सीधी जनता की , रोज गाँव में डोले जनता को भोली समझे , जनता से आदर बोले कभी वो आता नहीं था, आया चुनाव की बारी हाथ जोड़े चल आगे , चुनाव तक रहता जारी भले नहीं कोई काम नाम हो, सब कुछ रहे पता ! नेता के वश में है जनता !! देख नेता की माया , चुनाव जब सर पे आया आता अब रोजे दर पर , बात कुछ कह भरमाया तेरा मैं ख्याल रखूँगा ,मरते दम जनता में रहूँगा वोट हमहीं को देना , तेरा सब काम करूँगा बड़े बड़े बड़ बोल बोल के , जीतते लापता ! नेता के वश में है जनता !! जीत कर आता नहीं है , प्रित जनता से नहीं है कुर्सी से चिपके रहता , कोई परवाह नहीं है शान शोहरत के आगे , गाड़ी बंगला को पावे कौन जनता को देखे , दुबारा कभी न आवे इस तरह के नेताओं को कैसे हम जीता ? नेता के वश में है जनता !! -::- ...