कविता संग्रह
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ससुराल सोआगत
बहुत दिन के बाद जब गेली हम ससुराल। सास ससुर के गोड़ लागली पुछलन हालचाल।। साली अयलन पीछे से धरले झारी परात। पांव लागके मोजा खोललन धोयलन गोड़ ...
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सूर्य मकर में हो प्रवेश तो होगा घमासान । थाली होगा समर भूमि पर तीर नहीं कमान ।। चूड़ा ,दही , गुड़ , तिलकुट सब, हष्ट पुष्ट बलवान । जिह्वा भा...
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ज्ञान सन्मार्ग देत अज्ञान तम मिटाये देत , दिव्य ज्ञान पूँज गुरू चरण को नमन है | राम कृष्ण बुद्ध नानक ईसा अल्ला महावीर , वीर बलमान हनुमान...

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